धरना खत्म करवाने पहुंचे विधायक को ग्रामीणों ने सुनाई खरी-खरी, विधायक खाली हाथ लौटे
भाखड़ा का पानी पीने के लिए गांव में लाने की मांग कर रहे हैं ग्रामीण

सत्य खबर हरियाणा
MLA Vinod Bhayana : हांसी से भाजपा विधायक विनोद भयाना अपने हलके के गांव चैनत में लोगों का धरना करवाने के लिए गए तो यह सोचकर थे कि धरना समाप्त हो जाएगा लेकिन लोगों का गुस्सा और उन द्वारा रखी गई बात विधायक चुपचाप सुनते रहे। लोगों ने विधायक को उनके द्वारा किए गए वायदे भी बताए और कहा कि एक भी वायदा पूरा नहीं हुआ।

हांसी से BJP विधायक विनोद भयाणा को अपने ही हलके के ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा है। मामला था 68 करोड़ का भाखड़ा नहर प्रोजेक्ट शुरू करवाने का, जिसके विरोध में ग्रामीण गांव चैनत में दस दिन से धरना देकर बेठे है। ग्रामीण चाहते हैं कि भाखड़ा नहर का शुद्ध पानी लाने के लिए बने प्रोजेक्ट में से उनके गांव के लिए पेयजल व्यवस्था की जाए। मगर, सरकार इसकी मंजूरी नहीं दे रही। विधायक इसी धरने को विधायक खत्म कराने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें ही खूब खरी खोटी सुना डाली। ग्रामीणों ने विधायक को दो टूक कहा कि अगर पानी मिलेगा तो ही उनको वोट देंगे। अगर पानी नहीं मिला तो पूरा गांव उनका विरोध करेगा। ग्रामीणों ने उन्हें एक-एक करके किए गए वादे पढ़कर सुनाए और कहा कि इनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ। बाद में विधायक को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। विधायक ने कहा कि यह मेरा विषय नहीं है, मैं इस बारे में सरकार से बात करूंगा।
दअरसल, भाखड़ा नहर का शुद्ध पानी लाने के लिए करीब ₹68 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। यह प्रोजेक्ट तीसरी बार अटक गया है। चैनत गांव के ग्रामीणों के धरने के चलते पिछले 10 दिनों से प्रोजेक्ट रुका हुआ है। इससे पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से एनओसी न मिलने के कारण काम बाधित हुआ था। इसके बाद पिछले वर्ष तेज बारिश के कारण हांसी-बरवाला रोड पर हुए भारी जलभराव की वजह से काम रोकना पड़ा था। अब, चैनत गांव के ग्रामीणों के आंदोलन के कारण काम एक बार फिर बंद है।
ग्रामीण हांसी-बरवाला रोड के किनारे धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों की मुख्य मांग यह है कि इस पाइपलाइन प्रोजेक्ट के तहत उनके गांव के जलघर (वाटर वर्क्स) के लिए भी पेयजल का सीधा कनेक्शन दिया जाए, ताकि गांव को हमेशा के लिए पेयजल संकट से मुक्ति मिल सके। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह प्रोजेक्ट शुरू नहीं होने देंगे।
धरने पर बैठे ग्रामीण अनूप ने विधायक के मुंह पर ही उनके किए गए 12 अधूरे वादे गिनवाए। अनूप ने बताया कि पिछले दो साल से विधायक कोटे से चैनत गांव को कोई विकास निधि नहीं मिली है, जबकि गांव के सरपंच से कई विकास प्रस्ताव लिए गए थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में विधायक ने 15 दिनों के भीतर गांव की फिरनी और श्मशान घाट के लिए फंड देने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई राशि जारी नहीं हुई।
ग्रामीणों ने पिछली बारिश के दौरान गांव में हुए जलभराव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उस समय विधायक ने खुली ड्रेन और पक्के निर्माण कार्य करवाने का आश्वासन दिया था ताकि भविष्य में जलभराव न हो, लेकिन आज तक कोई काम शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जलभराव से खराब हुई फसलों का किसानों को कोई मुआवजा नहीं मिला है।
ग्रामीणों ने 29 अप्रैल को दिए गए एक अन्य आश्वासन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि विधायक ने उसी दिन 50 एचपी मोटर खरखड़ी पहुंचाने और चार दिनों के भीतर एस्टीमेट बनाकर चंडीगढ़ भेजने की बात कही थी, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में सरपंच हिमांशु से स्पेशल पाइपलाइन के लिए पंचायत लेटर पैड पर मांग पत्र लिया गया था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। इसके अतिरिक्त, ‘हर घर जल’ योजना के तहत भी कई गांवों और ढाणियों में अभी तक नल कनेक्शन नहीं लग पाए हैं।
ग्रामीणों ने विधायक को साफ कहा कि अगर उन्हें पानी नहीं मिला तो गांव अगले चुनाव में उनका खुला विरोध करेगा। विधायक ग्रामीणों की बात को चुपचाप सुनते रहे और उसके बाद उन्होंने कहा कि वह सरकार से बात करेंगे। पानी के मामले में उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके हाथ में नहीं है। लेकिन ग्रामीण विधायक की एक भी बात सुनने को तैयार नहीं थे। ऐसे में विधायक को खाली हाथ वहां से लौटना पड़ा।
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